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भूखंड का पैसा जमा करने वाले आवंटियों के लिए खुशखबरी

कई मामले तो ऐसे भी है जिनमे पैसे जमा करवाने के 2 दशक बाद भी पालिका ने न तो सम्बंधित आवंटनधारी को भूखण्ड का कब्ज़ा दिया है और ना ही आवंटन के बदले वसूली की गई राशि लौटाई है। नगरपालिका से न्याय की उम्मीद लिए ऐसे लोग वर्षों से पालिका अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे…

राज्य सरकार ने ब्याज सहित पैसा लौटने के जारी किए निर्देश

सूरतगढ़। नगर पालिका में भूखंड का पैसा जमा करने वाले आवंटियों के लिए खुशखबरी है। वे लोग जिन्हें पैसे जमा होने के बाद भूखंड नही मिला उन्हें अब राहत मिलेगी। राज्य सरकार ने ऐसे मामलों में आवंटी को ब्याज सहित पैसा लौटने के जारी किए निर्देश किये हैं। नगरीय विकास एंव स्वायत शासन विभाग द्वारा दिनांक 31/12/21 को जारी इस आदेश के अनुसार ऐसे मामले में यदि आवंटी पूर्व में आवंटित भूखंड के स्थान पर मूल जमा कराई गई राशि वापस लेना चाहता है और निकाय मूल भूखंड का कब्जा देने में असमर्थ है एंव आवेदक द्वारा सम्पूर्ण राशि जमा करवाये हुए 6 माह से अधिक का समय हो चुका है तो सम्बंधित निकाय द्वारा राशि जमा होने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित सम्पूर्ण राशि आवेदक को लौटा दी जाएगी।

स्थानीय निकाय देगा समान क्षेत्रफल के वैकल्पिक भूखण्ड का विकल्प

सर्कुलर के मुताबिक जहां स्थानीय निकायों द्वारा आवंटन के बाद सम्पूर्ण राशि जमा होने के बाद भी मौके पर भूखंड न होने/ किसी अन्य व्यक्ति का कब्ज़ा होने/ भूखण्ड के सम्बंध में सक्षम न्यायालय का स्थगन होने के चलते आवंटी को कब्ज़ा नही दिया जा सका है। वहां आवंटी के आवेदन पर निकाय सर्वप्रथम यह जांच करेगा कि मौके पर भूखंड उपलब्ध है या नहीं। यदि उपलब्ध भूखड पर अन्य व्यक्ति का कब्ज़ा हैं तो ये देखेगा की कब्ज़ा क्यों नही हटाया जा सकता ! दूसरे यदि भूखण्ड पर न्यायालय का स्थगन है तो निकाय सक्षम न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर स्थगन निरस्त करवाएगा।

यदि एक वर्ष में यह सम्भव नही होगा तो निकाय आवेदक को समान क्षेत्रफल का वैकल्पिक भूखण्ड देगा। अन्यथा आवेदक को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित जमा राशि वापस करेगा। समान क्षेत्रफल के भूखण्ड की आरक्षित दर भिन्न होने पर अंतर की राशि का समायोजन कर दी जाएगी। परन्तु मूल राशि पर दोनो पक्षों को ब्याज नही मिलेगा।

आवंटी द्वारा वाद दायर किये जाने की स्थिति में प्रक्रिया

ऐसे मामलों में जहां आवंटी ने भूखंड का कब्जा लेने  के लिए न्यायालय में वाद दायर कर रखा है ऐसी स्थिति में इस सर्कुलर के अनुसार संबंधित निकाय आवेदक आवंटी से ₹100 के स्टाम्प पर यह शपथ पत्र लेगा कि आवंटी वैकल्पिक भूखंड का आवंटन होने पर संबंधित निकाय के विरुद्ध वाद वापस ले लेगा। शपथ पत्र मिल जाने पर निकाय आवेदक को वैकल्पिक भूखंड के आवंटन का निर्णय कर आवेदक को लिखित में सूचित करेगा। इस पत्र के आधार पर आवंटी अपना वाद वापस लेगा। आवंटी द्वारा वाद समाप्ति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर निकाय द्वारा वैकल्पिक भूखंड का कब्जा दे दिया जाएगा।

वैकल्पिक भूखंड हर तरह से होगा समतुल्य

सर्कुलर के अनुसार निकाय जब तक संभव हो कॉर्नर भूखंड के आवंटी को कॉर्नर और नॉन कॉर्नर भूखण्ड के आवंटी को नॉन कॉर्नर भूखंड ही देगा। इसके अलावा यथासंभव समतुल्य रोड़ पर ही वैकल्पिक भूखण्ड दिया जाएगा।

सूरतगढ़ में दर्ज़नो लोगों को मिलेगी राहत

सूरतगढ नगरपालिका की बात करें तो ऐसे अनेक मामले हैं जिनमे पालिका ने सरेआम नीलामी या फिर लॉटरी द्वारा भूखंडों का लोगों को आवंटन कर दिया। जिसके बाद आवंटी ने प्लॉट की पूरी कीमत भी नगरपालिका में जमा करवा दी। बावजूद इसके विभिन्न कारणों के चलते आवंटनधारीयों को भूखण्ड का कब्ज़ा नही मिल पाया है। खास बात ये है कई मामले तो ऐसे भी है जिनमे भूखंड का पैसा जमा करवाने के 2 दशक बाद भी पालिका ने न तो सम्बंधित आवंटनधारी को भूखण्ड का कब्ज़ा दिया है और ना ही आवंटन के बदले वसूली की गई राशि लौटाई है। न्याय की उम्मीद लिए ऐसे लोग वर्षों से पालिका अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। ऐसे में इस सर्कुलर जारी होने अब उम्मीद की जानी चाहिए कि ऐसे पीड़ित लोगों को पालिका प्रशासन राहत प्रदान करेगा। 

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