कब्ज़ा मिलने पर आवंटनधारियों ने जताया आभार

सूरतगढ़। अगर इरादा नेक और मज़बूत हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है। नगरपालिका द्वारा किशनपुरा आबादी में आवासीय कॉलोनी की नीलामी में भूखंड खरीदने वालों को कब्जा दिलाने का प्रकरण भी कुछ ऐसा ही था। इस प्रकरण में लाखों रुपए जमा कराने के बावजूद करीब 50 आवंटनधारी भूखंड के कब्जे के लिए पिछले 5 सालों से पालिका के चक्कर काट रहे थे। लेकिन आवासीय कॉलोनी की भूमि पर स्टे की बात कह कर खरीदारों से चक्कर कटवाए जा रहे थे। इस दौरान परेशान आवंटनधारियों ने नगरपालिका से लेकर स्थानीय प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक गुहार लगाई परन्तु आवंटनधारियों के कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई ।

लेकिन पिछले दिनों जब परसराम भाटिया पालिकाध्यक्ष बने तो उन्होंने पालिका में लंबित प्रकरणों के प्राथमिकता से समाधान के ईमानदार प्रयास शुरू किए। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र गोदारा के साथ मिलकर उन्होंने इस मामले में राजस्व विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर स्टे की जानकारी ली। ईओ शैलेंद्र गोदारा की माने तो जांच में सामने आया कि विवादित भूमि पर जो स्टे बताया जा रहा है वह दो अन्य पार्टियों के बीच आपसी विवाद को लेकर है। जिसमे पालिका पक्षकार ही नहीं है। कॉलोनी की भूमि पर विवाद साफ होने के साथ ही चेयरमैन भाटिया और ईओ गोदारा सोमवार शाम को पालिका अमले के साथ मौके पर पहुंचे और कॉलोनी की भूमि की पैमाइश करवाकर प्लॉट की निशानदेही शुरू की। इस दौरान पालिका अमले ने जेसीबी मशीन की सहायता से भूमि पर उगी झाड़ियों को हटा दिया।

आवंटनधारियों नें जताया पालिका प्रशासन का आभार

सोमवार शाम को जब पालिका द्वारा कॉलोनी के प्लांट आवंटनधारियों को निशानदेही देना शुरू किया तो आवंटनधारियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 5 साल से पालिका के चक्कर काट रहे आवंटनधारियों नए पालिकाध्यक्ष परसराम भाटिया और ईओ शैलेंद्र गोदारा का आभार जताते हुए धन्यवाद दिया। आवासीय कॉलोनी में प्लॉट लेने वाले अनिल रांका ने कहा कि 5 सालों में पहली बार पालिकाध्यक्ष परसराम भाटिया ने प्लॉट खरीदारों की पीड़ा को समझा और त्वरित गति से मामले का निस्तारण करते हुए खरीदारों को प्लॉट की निशानदेही दी।

पालिका में उमड़ रहे फरियादी, अध्यक्ष भाटिया और ईओ गोदारा से बढ़ी उम्मीदें

सूरतगढ़ नगरपालिका में परसराम भाटिया के चेयरमैन बनने के बाद से पालिका में फरियादियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। पूर्व में चेयरमैन कालवा के भाजपा में जाने के बाद से पालिका में काम ठप हो चुका था। पिछले कुछ महीनों से आमजन पालिका के चक्कर तो काट रहा था लेकिन काम नहीं हो रहे थे। लेकिन अब कांग्रेस की सरकार होने और चेयरमैन भी कांग्रेस का बनने से लोगों की उम्मीद फिर जगी है। क्योंकि परसराम भाटिया के इलाके के बहुसंख्यक लोगों से अच्छे संबंध हैं, ऐसे में लोग अपने कामों के लिए पालिका कार्यालय में पहुंच रहे हैं। जिसके चलते अध्यक्ष के चेंबर में दिनभर लोगों का तांता लगा रहता है। क्योंकि परसराम भाटिया और ईओ शैलेंद्र गोदारा में ट्यूनिंग अच्छी है। ऐसे में दोनों से उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले समय में नगरपालिका से संबंधित आमजन की समस्याओं का समाधान होगा और बर्बाद हो चुके इस शहर में विकास की राह खुलेगी। 

One thought on “पालिकाध्यक्ष भाटिया और ईओ गोदारा के प्रयास लाये रंग, 5 साल बाद मिला भूखंडों का कब्जा”

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