सूरतगढ़। श्रीगंगानगर रामदेवरा जैसलमेर ट्रेन रेल प्रशासन द्वारा बंद करने के विरोध में जिला संयुक्त रेल संघर्ष समिति द्वारा पूर्व घोषणा के तहत काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। रेल प्रशासन, क्षेत्रीय सांसद की इस मामले में चुप्पी को लेकर स्टेशन पर संघर्ष समिति के पदाधिकारीयों और शहर के प्रबुद्ध लोगों द्वारा नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
समिति की और से उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक, प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजर, प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर और मंडल रेल प्रबंधक के नाम स्टेशन अधीक्षक राज सिंह शेखावत को ज्ञापन सौंपा। समिति ने अपने ज्ञापन में रेल प्रशासन को 12 तारीख तक गाड़ी की समय सारणी को बदलकर पुनः नहीं चलाये जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
इससे पहले जिलाव्यापी आह्वान के तहत विरोध प्रदर्शन करते हुए समिति पदाधिकारियों ने केंद्रीय रेल बजट को इलाके के लिए विनाश काल का बजट बताया। समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि 6 महीने मांग करने पर केंद्रीय बजट 2023 में इस ट्रैन को स्थाई करने के आदेश की उम्मीद थी। परंतु दुर्भाग्य से इसे स्थाई ना करके इसे 28 फरवरी को बंद कर दिया गया।
12 मार्च को जिले की समितियों के पदाधिकारियों की बैठक में बनेगी रणनीति
जिला अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि यदि 12 मार्च तक इस गाड़ी की समय सारणी बदल कर दोबारा शुरू नहीं की गई तो 12 मार्च को सूरतगढ़ में बड़ी बैठक का आयोजन किया जाएगा।जिसमें जिले की समस्त संघ जयर्ष समितियों के पदाधिकारी भाग लेंगे वे आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला संयुक्त रेल संघर्ष समिति जिलाध्यक्ष ललित किशोर शर्मा, भाजपा नेता मुरलीधर पारीक, समिति संयोजक रामप्रताप खोरवाल, पूर्व बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट साहब राम स्वामी,समाजसेवी परमजीत सिंह बेदी, रमेश चंद्र माथुर,अशोक मखीजा, जितेंद्र शर्मा,भंवर बारिया, राजेश मेघवाल, कमल सचदेवा, रतन पारीक, उमेश मुद्गल, जीतू शर्मा, ओम चाहर, भवानी शंकर भोजक,श्याम समानी , किशन स्वामी, विमल सिंह राजपूत,योगेश स्वामी सहित शहर के प्रमुख नागरिक उपस्थित थे।





















































































































































































































































