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ब्लॉसम एकेडमी, हर्ष कॉन्वेंट स्कूल,सूरतगढ़ पब्लिक स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल की बड़ी पहल

शहर के अंग्रेजी माध्यम के CBSE बोर्ड से संबंधित चार स्कूलों ने वर्तमान सत्र 2020-21 की फीस में 25% की छूट देने की घोषणा की है। फीस में रियायत की घोषणा करने वाले स्कूलों में ब्लॉसम एकेडमी, हर्ष कान्वेंट स्कूल, सूरतगढ़ पब्लिक स्कूल (SPS) और दिल्ली पब्लिक स्कूल(DPS) शामिल है।

25 प्रतिशत फीस माफ करने का लिया फैसला

अभिभावकों से भी की सहयोग की अपील

सूरतगढ़ । कोरोना और लॉकडाउन के चलते आर्थिक तंगी से परेशान अभिभावकों को  स्कूल फीस में राहत के लिए शहर के कुछ स्कूल आगे आये है। शहर के अंग्रेजी माध्यम के CBSE बोर्ड से संबंधित चार स्कूलों ने वर्तमान सत्र 2020-21 की फीस में 25% की छूट देने की घोषणा की है। फीस में रियायत की घोषणा करने वाले स्कूलों में ब्लॉसम एकेडमी, हर्ष कान्वेंट स्कूल, सूरतगढ़ पब्लिक स्कूल (SPS) और दिल्ली पब्लिक स्कूल(DPS) शामिल है। अब इन स्कूलों के विद्यार्थियों को 12 माह की बजाय 9 माह की फीस ही देनी होगी ।

प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद चारों स्कूलों के प्रबंधन कमेटी सदस्य




प्रेस कॉन्फ्रेंस कर की तीन माह की फीस माफी की घोषणा

रविवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल के मानकसर स्थित कैंपस में इन स्कूलों के प्रबंधन की ओर से सांझा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मुकेश पारीक व वेद प्रकाश पारीक, सूरतगढ़ पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रवीण अरोड़ा व जयकिशन अरोड़ा, ब्लॉसम एकेडमी के प्रबंधक अनिल चुघ व सूचित कोठारी और हर्ष कान्वेंट स्कूल के प्रबंधक अनिल धानुका व राकेश धानुका मौजूद रहे। एसपीएस स्कूल के प्रबंधक प्रवीण अरोड़ा ने चारों स्कूलों की ओर से दिए गए सांझा वक्तव्य में वर्तमान सत्र में 25 प्रतिशत फीस माफी की घोषणा की। ब्लॉसम एकेडमी के प्रबंधक अनिल चुघ ने बताया कि इस छूट के बावजूद भी अगर कुछ पेरेंट्स को फीस को लेकर किसी तरह की परेशानी होती है तो इसके लिए भी सभी चारों स्कूलों में एक-एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी आर्थिक रूप से अत्यधिक कमजोर स्थिति वाले अभिभावकों को 25% फीस माफी के अतिरिक्त छूट देने या भुगतान का समय बढ़ाने पर विचार करेगी। अतिरिक्त छूट के लिए अभिभावकों को कमेटी को आवेदन करना होगा । हर्ष कान्वेंट स्कूल के प्रबंधक अनिल धानुका ने बताया कि अभिभावकों को राहत देते हुए सभी चार स्कूलों ने इस वर्ष स्कूल फीस में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं करने का भी फैसला लिया है। डीपीएस स्कूल के प्रबंधक मुकेश पारीक ने बताया कि सभी चारों स्कूलों में लॉकडाउन अवधि के दौरान ट्रांसपोर्टेशन चार्जेस को भी स्थगित करने का फैसला किया है। विद्यालय खुलने पर ही पूर्व निर्धारित ट्रांसपोर्टेशन फीस पर फैसला लिया जाएगा।

स्कूल प्रबंधन का फैसला पेरेंट्स के लिए राहत भरा

शहर के सीबीएसई से जुड़े चारों प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का यह निर्णय आर्थिक मंदी से दो-चार हो रहे अभिभावकों के लिए राहत भरा है। हालांकि राज्य सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राठौड़ डोटासरा ने क्लास नहीं तो फीस नहीं वाला बयान देकर फीस को लेकर अभिभावकों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। परंतु वास्तविकता यह है कि  देश के अधिकतर हाईकोर्ट ने स्कूल फीस को लेकर स्कूल मैनेजमेंट के पक्ष में फैसला दिया है। इसलिए अभिभावकों पर स्कूल फीस का भार पड़ना तय है। ऐसे में शहर के चार प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का वार्षिक फीस में 25% की माफी का निर्णय निश्चित तौर पर अभिभावकों के लिए लॉकडाउन के जख्मों पर राहत का मलहम साबित होगा ।

शहर के अन्य स्कूलों को भी आगे आना चाहिए !

शहर के इन चार निजी शिक्षण संस्थानों के अलावा भी बड़ी संख्या में निजी शिक्षण संस्थान है। इन निजी शिक्षण संस्थानो में सेक्रेड हार्ट स्कूल जैसे बड़े शिक्षण संस्थान भी हैं।  जो अभिभावकों से मोटी फीस वसूल करते हैं।  शहर के इन चार प्रमुख शिक्षण संस्थानों के वार्षिक स्कूल फीस में रियायत के फैसले के बाद शेष स्कूलों को भी इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए। जिससे कोरोना काल के इस मुश्किल वक्त में अभिभावकों के कंधे पर अपने नौनिहालों की शिक्षा का बोझ कुछ कम हो सके। पिछले सालों में शिक्षा के व्यापार से आसमान छूती बिल्डिंगे और इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने वाले स्कूल प्रबंधको के लिये यह वक़्त सामाजिक सरोकार निभाने का भी है।

अभिभावकों से की सहयोग की अपील

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी चारों स्कूलों के प्रबंधकों ने प्रेस के माध्यम से पेरेंट्स से सहयोग की अपील की है। प्रबंधकों की ओर से कहा गया कि सभी स्कूलों द्वारा पिछले 4 माह से सीबीएसई के निर्देशों का पालन कर ऑनलाइन कक्षा का आयोजन करवाया जा रहा है। इसके लिए प्रबंधन द्वारा शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण की ट्रेनिंग करवाने के साथ-साथ आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है । इसके अलावा स्कूल के शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के वेतन और रखरखाव के अलावा अन्य व्यय का भार भी स्कूलों पर पड़ रहा है । इसलिए उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि स्कूल फीस का सुविधानुसार आंशिक या पूर्ण भुगतान कर इस मुश्किल घड़ी में स्कूल मैनेजमेंट का सहयोग करें।

राजेन्द्र जैन

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