अखिल भारतीय किसान सभा और जनता मोर्चा का संयुक्त प्रदर्शन

सूरतगढ़। आईजीएनपी के प्रथम चरण के किसानों गेहूंं,सरसों, जौं व चना की फसल पकाने के लिए सिंचाई पानी देने की मांग को लेकर आज किसानों ने उपखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया । अखिल भारतीय किसान सभा और जनता मोर्चा के संयुक्त नेतृत्व में किए गए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हुए। इस दौरान किसानो ने नायब तहसीलदार मुकुल टाक के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।



दोनों जिलों के करीब 10 लाख किसान होंगे प्रभावित
किसान नेताओं ने बताया कि सरकार व सिंचाई विभाग 12 जनवरी 2022 के सिंचाई पानी का रेगुलेशन तय नहीं करता है तो दोनों जिलों के लगभग 10 लाख किसान किसान प्रभावित होंगे। माकपा सचिव मदन ओझा ने कहा कि फसल पकाओ के लिए वक्त से पानी नहीं देना गहलोत सरकार और सिंचाई विभाग की किसान विरोधी सोच को दर्शाती है।


12 जनवरी तक रेगुलेशन तय नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओ का कहना है कि अगर 12 जनवरी के बाद सिंचाई पानी नहीं दिया तो प्रथम चरण के किसान के साथ सूरतगढ़ क्षेत्र के किसान आगामी रणनीति पर संघर्ष की तैयारी करेगा जिसकी पूरी जिम्मेवारी राजस्थान सरकार की होगी ।आज के प्रदर्शन में जनता मोर्चा संयोजक ओम राजपुरोहित, व्यापारीर नेता राजकुमार छाबड़ा राधेश्याम उपाध्याय,देवी सिंह, अरविंद विश्नोई,गौतम सिखवाल,सखी मोहम्मद महावीर भोजक, महावीर तिवारी, विमल सिंह, मोहम्मद अकबर रमाशंकर सिंह सूर्यवंशी, जसराम बुगालिया, जवाहर छिंपा, पवन स्वामी, श्री सीमेंट मजदूर अध्यक्ष राकेश श्रमिक वेद वर्मा, युवा माकपा नेता अशोक भार्गव प्रेम स्वामी, लक्ष्मण शर्मा, राजीव कुमार सिला, श्री भगवान, बजरंग गोदारा, सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित थे





















































































































































































































































