28 साल बाद कासनिया का जमीन का सपना पूरा ! 2005 में भाजपा पार्षदों ने भी शहरहित में किया था विरोध, 2024 में किया ईमान का सौदा ?
कासनिया जिस उद्देश्य को लेकर सूरतगढ़ आए थे वह पूरा हो गया है। नई धानमंडी और हाउसिंग बोर्ड के बीच शहर की 100 करोड़ से अधिक की बेशकीमती भूमि आख़िरकार वे अपने नाम कराने में सफल हो गये है।
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