रंगों भरे त्योंहार होली की दस्तक !

। होली की सबसे बड़ी खासियत है कि यह शायद  अकेला ऐसा त्योंहार है जो आपसी प्रेम और सौहार्द को बढ़ाता है क्यों होली खेलते वक़्त हम हिन्दू या सामने वाला मुसलमान-सिख या फिर ईसाई नही रहता सब बस दोस्त बन जाते हैं। रंगों में घुली हुई मोहब्बत और अबीर गुलाल में लिपटा स्नेह हर एक चेहरे को जो शक्ल देता है उसमें हमारी हिन्दू – मुस्लिम या कोई और पहचान खत्म हो जाती हैं। हर एक चेहरा सिर्फ और सिर्फ भाई चारे का पैगाम देता दिखाई देता हैं।

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कांग्रेस का होली स्नेह मिलन : मील परिवार ने दिखाई ताक़त

कुछ लोगों का मानना है कि कार्यक्रम में 4 से 5 हज़ार लोग पहुंचे। दूसरी ओर कांग्रेस से जुड़े नेताओं की माने तो कार्यक्रम में 8 से 10 हज़ार लोग उपस्थित रहे। हालांकि कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की संख्या 5000 भी मान ली जाए तो यह संख्या कम नहीं है । इस दौर में जब आम आदमी जीवन की जद्दोजहद में ही व्यस्त है ऐसे समय में 5000 लोगों की उपस्थिति भी बहुत अच्छी मानी जाएगी।  

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